Tuesday, December 13, 2011

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विकट बुद्धि X

हम सबों ने एक चीज़ हमेशा गौर किया है की विकट का हर ज़वाब, हर चीज़ Google के इर्द्द गिर्द ही रहता है , तो हमने यह सोचा की इसकी ज्ञान का राज़ आज जान लिया जाए |
आखिर इसका ज्ञान बाबा कौन है जो इसको तरह तरह की ज्ञानी बातें बताता है |
हमेशा के जैसे , कॉफ़ी टेबल पर, मैंने पुछा - "यार, ये Google क्या है ?" 
कोई और इसके पहले ज़वाब देता , विकत कूद पड़ा -"Google को सब पता है "
"पर यह है क्या ?"
"Google एक search engine है "
"अच्छा कितने Horse power का है "
"क्या बात करते हो ? तुम बहुत नटखट हो "
मैंने आगे बात बढाई - "अरे engine है तो पॉवर तो होगा न , जैसे मेरे bike की है "
उसने कहा -"वो छोड़ो , Google is a search  engine , तुमको जो भी doubt है , उसको बताओ तो वह उसका answer देगा "
मेरे मित्र ने कहा -"एसी बात है, तो ज़रा यह बताना की देव आनंद की बेटी के husband का क्या नाम है? "
"कौन सी बड़ी बात है, Google सबसे अच्छा Platform है  "
मैंने लुफ्त लिया - "कौन से रेलवे स्टेशन का platform है ?"
मेरे मित्र ने कहा -"सिर्फ सबसे ज्यादा user होने से कोई search engine बेहतर नहीं होता है "
उसने कहा - "क्यूँ नहीं "
मैंने कहा - "जिस तरह microsoft OS सबसे बेहतर OS नहीं है उस तरह "
"फिर कौन सा OS बेहतर है "
"Unix , LINUX ", मस्ती के लिए हमने उसे और छेड़ते हुए कहा - "NASA भी वही  use करता है "
वो बहस लड़ाते हुए बोला -"जैसे UNIX एक platform है LINUX का उसी तरह , NASA से क्या होता है , उसको सिखने में बहुत टाइम waste कौन करेगा? क्या बात करते हो , कुछ भी "
मेरे कंप्यूटर इंजिनियर दोस्त ने कहा - "लेकिन दोस्त, Unix तो खुद एक Operating system है ,...."
मैंने बोला - "Space Rocket चलाना मुश्किल होता है , इसका मतलब यह नहीं की वो बेकार है, और साइकल सबसे अच्छा "
मेरे दोस्त ने चिढाया -"साइकल से तू क्या चाँद पर जा सकता है ?"

वो आगबबुला हो चूका था हमारी बातें सुन कर , हमें क्या है हम तो कुछ भी बोलते है | उसने कहा - "लेकिन Google को सब पता है, वो नंबर#१ है  "
मैंने कहा - "किसने बोला तुम्हे , Google ने ?"
"फिर कौन है नंबर#१ पे ?" उसने हमें Challenge किया | मजेदार बात तो यह थी की मुझे सत्य से ज्यादा इसकी बातों में मज़ा आता है | इसकी बातें ऐसे ही मजेदार बनी रहे मैंने उसे Google करने के लिए बोला और यह भी बताया की हर चीज़ Google पर नहीं होती है , वो एक Library जैसा होता है जहां पर 90 % irrelevant search results मिलते है| Fact on Google
यह सुन कर उसने बोला - "Library है तो Book कहाँ है , मैं तो Google को ही Thank you बोलूँगा "
मेरे मित्र ने समझाया -"अगर तू किसी से पूछेगा और उसका ज़वाब होगा तुम सौरभ से पुछ लो , तो तुम किसको Thank You बोलोगे? Google उसी तरह एक Portal है| तुम्हे ख्याल रखना होगा की क्या सही और क्या गलत है |  "
उसने बोला -"Google के अन्दर एक रोबोट है जो हमेशा सही ज़वाब देगा "
"धत तेरी की , रजनीकांत है क्या "
"नहीं पर वो अच्छा है "

हम सभी निरुत्तर हो गए , इस मोटी बुद्धि के अन्दर कुछ नहीं घुसने वाला |
जब हम अपने डेस्क पर वापस गए तो उसने Google पर search कीया की देव आनंद की बेटी का husband कौन है ? "What he searched?" (Click on the link to see)
Google निरुत्तर था |

-© 2011 सत्य घटना पर आधारित 


Monday, December 12, 2011

Black Grapes

विकट बुद्धि IX


कभी कभी सेहत के लिए फल खाना अच्छी बात होती है , इसी तरह कभी मैंने ऑफिस में एक Fruit bowl खा रहा था |
उसमें नारंगी, सेब,तरबूजे , खरबूजे, पपीता और काले अंगूर थे , मैंने उन पर चाट मसाला डाला और भोंक भोंक कर pick से खाने लगा|
विकट बुद्धि मेरे ठीक सामने बैठा था , उसने एक अंगूर उठाया और खा लिया |
अंगूर श्याम था , मैंने छेड़ दिया -"तुममे  और इस काले अंगूर में क्या समानता है ?"
"दोनों लड़कियों को बहुत पसंद है "
"फेंकना बंद करो और सच्चाई बताओ, वैसे भी लड़कियां किशमिश ज्यादा खाती है "
वो बोला - "दोनों स्वीट है "
मेरे दोस्त ने बोला - "कोई और बताओ , यह तो बहुत मुश्किल है पता करना "
"अंगूर और मुझमे नशा है , अंगूर को सड़ा कर Wine बनता है जो Exotic होता है "
मेरे मित्र ने कहा - "तुमको सड़ाने पर कौन सा wine बनेगा , उसके बावज़ूद exotic होना तो नामुमकिन है "
वो बोला - "कौन सी बड़ी बात है |"
इतने में उसने अंगूर को हाथ में लिया और उसपर गौर किया , हमारी हँसी छुट पड़ी |
उसने तपाक से कहा - "मुझे पता है तुमलोग क्यूँ हंस रहे हो ?"
"क्यों ?"
"तुम्हे लग रहा होगा लंगूर के हाथ में अंगूर आ गया "
हमने तो ऐसा सोचा नहीं था , पर अच्छा लगा | फिर भी मैंने कहा -"अंगूर खट्टे लोमड़ी के लिए होते है , तुम तो लंगूर हो और तुम्हे ये मीठे लगते है "
"क्यूंकि , ये मेरे हाथ में है "
"मतलब तुम मानते हो की तुम लंगूर हो |"
उसका चेहरा ऊतर गया , जैसे वह फिर से फँस गया हो | इसी सकपाहट में उसके हाथ से अंगूर छुट गया , और नीचे गिर गया |

मैंने कहा - "वैसे दाने दाने पर लिखा है खाने वाले का नाम |"
सारा माहौल ठहाको से भर गया |


-© 2011 सत्य घटना पर आधारित

Red and Long


विकट बुद्धि  VIII

एक बार हुआ यूँ की हम सभी ऑफिस गार्डेन में टहल रहे थे, लंच के बाद टहलना स्वास्थ्य के लिए लाभदायक होता है मगर हमलोग समय व्यतीत करते है |
टहलने से चुस्ती भी रहती है | विकट बुद्धि भी चुस्त था , चहकते हुए उसने आखिर पूछ डाला -"अच्छा यह बताओ Anaconda क्यूँ  बहुत लम्बा होता , कल ही मूवी देखी| कितना लम्बा हो सकता है? "
मेरे मित्र ने कहा -"तुम्हे कितना लम्बा चाहिए?"
"वो छोड़ो यह बताओ , किसी ने Anaconda part II देखी है क्या "
मैंने कहा -"वो छोड़ो , यह बताओ , कौन सी चीज़ जो हरे रंग की होती है और बहुत लम्बी और लम्बी  होती है "
"Anaconda तो काले रंग का होता , हरा भी होता है क्या ?"
"मैं Anaconda की बात नहीं कर रहा हूँ, Answer दो "
"कितनी लम्बी ?"
"जितनी तेरी सोच "
"क्या बात करते हो , कुछ तो बताओ , हरा साँप?"
"गलत ज़वाब , सोचो और सोचो "
हमने उसे उसके दिमाग पे ज़ोर डालते हुए कहा -"बहुत आसान है "
दुसरे मित्र ने उकसाया -"मुझे पता है इसका ज़वाब "
अब वो बेचैन हो गया और उट-पटांग answer देने लगा -"पेड़ , सांप , घास , etc etc "
आख़िरकार मैंने उसे ज़वाब दिया - "हरे रंग का धागा "
"उफ़ यह तो आसान था , shit  "

मुझे मस्ती सूझ रही थी -"अच्छा एक और आसान सा सवाल है -कौन सी चीज़ जो काले रंग की होती है और बहुत लम्बी और लम्बी  होती है "
"हाहाहा हाहा , यह तो पक्का Anaconda है "
मित्र ने कहा -"गलत, इतना भी आसान नहीं है "
उसने मुझसे कहा -"तुम बहुत नटखट हो - तो फिर हाथी का सूंड होगा "
"ग़लत"
"काला साँप"
"ग़लत "
"हाँ , अब पता चला , काला धागा "
मैं चिढाते हुए कहा - "ग़लत "
"अच्छा बता दो - मैं थक गया "
"हरे धागे की परछाई :) "

मेरे मित्र ने आखिरी सवाल किया - "कौन सी चीज़ जो  लाल रंग की होती है और बहुत लम्बी और लम्बी  होती है"
हमने सोचा की यह तो बहुत ही आसान होगा और शायद इसको ज़वाब मिल जाये , पर विनाश  काले  विपरीत  बुद्धि  का कोई क्या कर सकता है |
उसने कहा - "लाल साँप , या कुछ जो लाल रंग का हो "
मैं कहा -"लाल anaconda ?"
"शायद , मैं sure नहीं हूँ "
टहलते टहलते हमने गार्डेन के दो तीन चक्कर लगा लिए , लंच टाइम ख़त्म हो गया था , हम अपने डेस्क पर वापस लौट चले|

थोड़ी देर बाद वो मेरे पास आया और कहा , "यार, मैंने google पर search किया , मगर सही answer नहीं  मिल रहा है, कहा से यह सब सवाल लाते हो तुम? "
मैं कहा -"have you tried Commonsense .com"
उसने कहा -"नहीं, अभी Google करता हूँ |" 

-© 2011 सत्य घटना पर आधारित


Wednesday, December 7, 2011

Elephant and Fridge

विकट बुद्धि VII


हम सबों को आजकल पहेलियाँ बुझाने में कुछ खास ही मन लगने लगा , उसका एक आसन सा कारण था विकट बुद्धि और उसके ज़वाब|
कुछ ऐसे हुआ उस दिन , मेरे मित्र ने कहा -"ऑफिस में सिर्फ Microwave रखते है, ताकि खाना गर्म करके खा सके, परन्तु यहाँ Fridge (Refrigerator ) होना चाहिए, ठंडी ठंडी बीर रखते और जब मर्ज़ी तब पीते| "
हम सब ने कहा- "इंशाअल्लाह "|
मगर विकट बुद्धि ने कहा - "इतना बड़ा Fridge कहाँ से आएगा , तुम तो बहुत Beer रखते |"
मैंने कहा - "कितना बड़ा ?"
उसने कहा - "क्या बात करते हो, बहुत बड़ा | कितने लोग है यहाँ |"
मेरे मित्र ने कहा - "अच्छा एक बात बताओ , मानलो उस fridge  जिसमे Beer है , उसमे एक हाथी को कैसे रखोगे?"
"खिलौना हाथी है क्या ? हाहाहा हा हा , क्यूँ मज़ाक करते हो "
"तुम सीधा सीधी ज़वाब क्यों नहीं देते , एक असली हाथी है , अब बताओ "
"तो Fridge कितना बड़ा उसपे depend करेगा , तुम लोग को मैं ही मिलता हूँ क्या ?"
"समझो, Fridge बड़ा है, विकट| और हाथी उसमे आ सकता है | "
उसने अपना सर खुजाते हुए बोला -"फिर मैं हाथी को बोलूँगा, वो खुद से Fridge के अन्दर चला जायेगा |"
दुसरे मित्र ने चुटकी ली -"और हाथी तेरी बात मान लेगा ?"
"क्या बात करते हो ? फिर क्या हाथी को अन्दर उठा के रह देंगे?"
मैंने कहा -"कैसे उठाओगे ? हलवा है क्या ? अच्छा चलो मान लेते है की तुमने हाथी को अन्दर रक्खा तो जो beer है उसका क्या ?"
"हाथी पी लेगा , पीने दो उसे | क्या प्रॉब्लम है |"
मेरे मित्र ने अगला प्रश्न डाला -"अब दुसरे हाथी को अन्दर कैसे डालोगे ?"
वो बोला -"अरे उसमे क्या है , उसको भी उठा के अन्दर डाल दो "
मैंने बोला -"और पहले हाथी का क्या ? उसको पहले बाहर निकालो फिर दुसरे हाथी को अन्दर डालना होता है |"
मैंने फिर बोला -"अच्छा अब तुम एक चींटी को Fridge में कैसे डालोगे?"
उसने बोला -"यह तो मैं जानता हूँ , हाथी को बाहर निकाल के चींटी को अन्दर डाल देंगे , हिहिहाहा"
मेरे दोस्त ने हँसते हुए कहा -"फिर से गलत , भाई मेरे , चींटी तो छोटी सी होती है , वो और हाथी एक साथ Fridge में आ सकते है "
"ओह Shit !"
मैं कहा -"अब बताओ कितने घोड़े Fridge में आ सकते है ?"
"एक , नहीं शायद दो , तुम बताओ कितने ?"
"एक भी नहीं क्यूंकि Fridge Already Full है "

उससे रहा नहीं गया , वो उठ के जाने लगा , हमने उसे रोका और बोला चलो अब आसान सा सवाल पूछते है , इसका शायद तुम उत्तर दे सकोगे |
वो फिर से मैदान-ए-जुंग में कूद गया |
पहला प्रश्न -"उस fridge में एक घोड़े  को कैसे रखोगे"
"उसको उठा कर रख देंगे "
"गलत ज़वाब , पहले हाथी को निकालो :)"
दूसरा प्रश्न -"दुसरे घोड़े को कैसे रखोगे? "
"पहले घोड़े को निकाल कर, दुसरे को अन्दर डाल देंगे "
"फिर से गलत ज़वाब , दो घोड़े आराम से fridge में आ सकते है "
तीसरा प्रश्न-"अब यह बताओ जंगले में एक जानवर missing है, कैसे "
"घोडा |"
"अबे लेकिन घोड़े तो दो है , प्रश्न में तो एक ही जानवर Missing है , थोडा सोच समझ कर बोलो "
जब वो अपना सर खुजाने लगा तब हमने उसे बताया की इसका सही ज़वाब चींटी है जो वह छोड़ आया था |
चौथा प्रश्न -"अच्छा अब यह बताओ की जंगले में इतने घोड़े क्यूँ है "
"वो छोड़ो यह बताओ की जंगले में घोड़े गिनता कौन है "
"Topic मत change करो , answer दो "
"उफ़ तुम बहुत नटखट हो , कैसे सोचते हो , मैं तो थक गया "
हमने उसे बताया -"क्यूंकि Fridge उतना बड़ा नहीं है की सारे घोड़े उसमे आ जाये "
हहह हा हा हा हा हा 

इतने में ही वो भाग उठा , हम सब भी अपने काम में लग गए| 
अगले दिन जब वो सुबह ऑफिस आया तो मैंने एक उद्दास सा चेहरा ले कर उसके पास गया , उसने पुछा - क्या हुआ ?
मैंने कहा - यार बहुत गलत हुआ है|
वो डर गया और उसकी हवा गुल हो गयी -"क्या हुआ ? बताओ मुझे ?"
मैंने बोला -"दो घोड़े मर गए "
"क्या बात करते हो , कैसे हुआ यह ?"
"कल तुम उनको fridge में छोड़ के क्यूँ भाग गए थे, रात  भर ठण्ड में वो मर गए , उनके पास कम्बल भी नहीं था | "
"Shit , और उस चींटी का क्या हुआ ?"
मैं बगलें झाँकने लगा , लेकिन हँसते हुए |

-© 2011 सत्य घटना पर आधारित

Tuesday, December 6, 2011

Blue Sky

विकट बुद्धि VI
हमलोगों की आदत है ऑफिस की खाली सीड़ियों पे बैठ कर गप्पें लड़ाया करते है | ऐसे ही एक शाम , हमेशा की तरह हम सभी गुफ्तगू कर रहे थे |
विकट बुद्धि भी हमारे साथ था | अचानक से एक गोरे लड़के को देख कर बोलता है -"देखो वो देखो "
दरअसल उसका इशारा हमारे एक मित्र की तरफ था जिसका रंग साफ़ है , उसने पुछा -"क्यूँ क्या देखूं ?"
विकट बुद्धि ने ज़वाब दिया -"गोरे होने से कोई फायेदा नहीं है "
उसने आगे कहा -"मैं काले से गोरा हो सकता हूँ पर कोई गोरा कभी काला नहीं हो सकता "
मैंने कहा -"बहुत Fair and Lovely का Ad देख चुके हो , ऐसा लगता है "
मेरे दोस्त ने पुछा -"कोई क्यूँ काला नहीं हो सकता , और क्यूँ होना चाहेगा ?"
"मेरा मनपसंद विषय Optics था - काला रंग सब रंग का मिक्स होता है, इसीलिए अच्छा होता है | "
मैंने पुछा -"अच्छा, तो तू गोरा कैसे हो सकता है , यह बता "
"वह छोड़ो , यह सुनो , इसमें कोई बड़ी बात नहीं है  Michael Jackson जैसे |"
मेरे मित्र ने कहा -"लेकिन, इसमें Physics कहाँ से आ गया "
उसने हमसे सवाल किया - "तुम्हे पता है आसमान का रंग नीला क्यूँ होता है ? हाथी का रंग काला क्यूँ होता है ?"
"हमें तो पता नहीं तुम बताओ "
"क्यूंकि पानी का रंग नीला होता है "
"मुझे तो रंगहीन पता था , I mean colorless  "
खैर , बहुत सारे Optics के laws  औरFrequency, wavelength और Rayleigh scattering  समझाने के बाद विकट बुद्धि समझ गया की आसमान नीला क्यूँ होता है  - 
उसने बोला -"यह ज़वाब तो समझदार लोग के लिए है , लेकिन एक आम आदमी को कैसे समझाओगे, उसको बोलना क्यूंकि पानी का रंग नीला होता है , इसीलिए आसमान नीला होता है "
"गयी भैंस पानी में " मेरे एक मित्र ने निरुत्तर हो कर कहा|

उसने तपाक से सवाल पुछा -"भैंस का रंग काला क्यूँ होता है "
मैंने ज़वाब दिया - "वो तो पता नहीं पर एक नीला सियार ज़रूर दिखा आज हमें "
मेरे मित्र ने छेड़ा -"काला कोई रंग नहीं होता है , यह सिर्फ रंग अभाव है (Black is technically not a colour, merely an absence of colour.)"
"क्या बात कर रहे हो , ऐसा थोड़े ही होता है , मुझे भैंस दिखता है "

हम सब माथापच्ची से बच कर अपने अपने काम में वापस जाने ही वाले थे , की सूर्यास्त का समय हो गया और सारा आकाश लाल और नारंगी के रंगों में सरोबार हो गया  |
यह देख कर मैंने उसे बोला - "ऊपर देखो नीला आकाश !"
वह झेंप गया परन्तु उसने कहा - "SHIT !"
हम सब ने कहा - "That's Yellow in color, क्यूँ |" :)

-© 2011 सत्य घटना पर आधारित 


Monday, December 5, 2011

Ande ka Funda



विकट बुद्धि V

एक बार बैठे बैठे विकट बुद्धि ने हम सबों से एक पहेली पुछा -"मुर्गी पहले आई या अंडा ?"
मैंने बोला -"मुर्गा |"
वो हँसते हुए बोला - "तुम बहुत नटखट हो , कैसे यह सब सोच लेते हो "
मैंने उससे पुछा -"मैं भी एक पहेली पूछुंगा , बूझोगे?"
"कौन सी बड़ी बात है - पूछो "
मैंने एक बहुत ही पुराना Classic and Simple सा सवाल पुछा जो बचपन में हम सभी ने जाना था - "एक अंडा पहली मंजिल से गिर गया , मगर वो फूटा ही नहीं | क्यूँ ?"
"यह तो आसान है , पहले बताओ कहीं वो हाथी का अंडा तो नहीं था?"
मेरे दोस्त ने खिंचा -"हाथी का भी कहीं अंडा होता है , तुम बताओ "
"अच्छा तो फिर डायनासोर का होगा , वही नहीं फूट सकता "
दुसरे दोस्त ने कहाँ -"गधे का नहीं?, अंडा किसका देखा है तुने ?"
"मैंने तो सिर्फ मुर्गे का खाया है  "
मैंने कहा -"चल, तेरे लिए मुर्गी का अंडा था , अब बूझो ?"
"ज़रूर नीचे स्विमिंग पूल होगा|"
सभी ने एक साथ कहा -"बहुत ही विकट है तू, अरे यार नीचे फर्श था Tiles वाला  "
बहुत देर तक उसने अपना सर खुजाया , और हमसे रहा नहीं गया तो मैंने उसका उत्तर दे दिया -"जाखो राखे सैयां , मार सके ना कोई (If God wants to save somebody, then nobody can kill him.)"

"यह तो बहुत ही बेकार था "
मैं उसे फांसते हुए कहा -"एक और सवाल है - वही अंडा जब दूसरी मंजिल से गिरा , फिर भी वो नहीं फुटा | क्यूँ?"
"जाखो राखे सैयां , मार सके ना कोई"
मेरे मित्र ने बयां किया -"अरे यह तो पहले वाले सवाल का ज़वाब था ,, कुछ नया सोचो "
"तुम लोग कहाँ से ऐसे सवाल लाते हो , मैं नहीं जानता "
"हिम्मत मत हारो , कुछ तो बोलो " हमने उसे साहस दिया |
इसका भी जब ज़वाब नहीं था उसने हार मान लिया | हमने मज़ाक नहीं उड़ाया पर किसी तरह हँसी रोक ली |
"क्यूंकि उसको Confidence आ गया था , Simple |"

आख़िरकार वो बिदकते हुए बोला - "तुम बहत नटखट हो | अब जो भी पूछोगे तो मैं जवाब दे दूंगा "|
तीसरे दोस्त ने सवाल दागा -"लेकिन जब वो तीसरी मंजिल से गिरा तो फूट गया | क्यूँ?"
"अरे , इस बार फूट गया , यह तो twist हो गया , क्या बात करते हो "
हम सब ने चुटकी लेते हुए कहा -"अब बोलो "
"शायद over -confidence हो गया होगा "
सही ज़वाब था , लेकिन हमें तो मज़ा लेना था आखिर हम थे कमीने |
"गलत ज़वाब, क्या तुम confident हो ?"
वो फिर से अपना सर खुजाते हुए बोला -"मैं हार गया "
दुसरे दोस्त ने कहा -"अबे अंडा है, कहीं से भी गिरेगा तो फूटेगा |"
अब उससे रहा नहीं गया | बकवास बोलते हुए वो जाने लगा | मैंने उसे रोका और बोला -"भाई अभी सवाल बाकी है "

"अच्छा , तो फिर पूछो ? देखे ज़रा "
मैंने पुछा -"जब वो अंडा चौथी मंजिल से गिरेगा तो , वो फूटेगा या नहीं ??"
"हहहहा हाहाह हा हा हा , तुम बड़े बदमाश हो यह भी कोई सवाल है , जाओ मैं ज़वाब नहीं देता "
हमने बोला -"ठीक है , चलो अपना अपना काम करते है " यह बोल कर मैं वापस अपने लैपटॉप पे लौट गया |
वो बेचैन हो कर बोला - "इसका Answer क्या है "
मैंने बोला -"It depends on my mood"

थोड़ी देर बाद मेरे दोस्त ने उससे पुछा - "चाय पीने चलोगे क्या "
और हम सब चाय के टेबल पर बैठ गए , विकट बुद्धि ने कुछ नहीं बोला तो मैंने कहा - "मैं तुम्हे एक मौका और दूंगा, फिर से पहेली पूछता हूँ "
मैंने पुछा -"अगर एक मुर्गी का अंडा पहली मंजिल से गिरेगा और नहीं फूटता है तो ?क्या Answer होगा ?"
उसने बोला - "जाखो राखे सैयां , मार सके ना कोई"
मैंने कहा -"गलत | वो Boiled था |"


-© 2011 सत्य घटना पर आधारित 

Sunday, December 4, 2011

Dirty Picture is overhyped and over cleavage

This is not a biopic of "Silk Smitha", Milan clarified that its not based on Silk but loosely inspired from the story of sensation of south India in 80's. Its becoming trend to lose or gain weight to do justice for the role, but that doesn't justify a good movie. Vidya Balann also put on 15 kgs as per demand of the role and the propaganda, she looked fat, the fat which one acquires after alcohol and age and this fat was beautiful for the character. The titillating and distasteful dialouges ruined the entire movie.
Milan was always a Masala director and this movie needed a thoughtfulness about a B grade actor, about her zeal for life and fame. He completely missed it and thus the movie lost the content.The story never justified the runaway teen and her way of talks early in the movie, missing the entire plot. The lecherous  role of Nassiruddin Shah was also not sketched well. The Movie looked like a slapstick and serious at the same time and that's where it failed.

Let's talk about Vidya now.. She got cleavage and she showed it maximum. The screenplay will make you feel that you are watching a B grade movie. She got the emotions but Milan Luthria failed to portray them , he was not able to focus above the chest to the face. It was indeed a bold attempt from Ms Balan.
Tusshar was completely forced written and as producer's brother he was not manly enough even with the thick mustache. He lacked the depth of a serious lover and failed to stand in the times of crisis.
He mouthed very bad lines and I ll blame the screenplay. Rajat Arora seems to only research the cheap gossip columns and hence the ugly caricature of Anju Mahendru. The lone journalist in the movie was a wolf or a fox or a cow, you will never know. There is so little know about the Real Silk that the screenwriter missed the biopic stuffs and launched a full throbbing cleavage thumping movie.
Emraan Hashmi was cool in the dark linen suits and the only saving grace in the movie. He has evolved with some seriousness. The movie was told as his flashback memory but why. He got some good wolf whistling dialogues.
The editing by Akiv Ali is very shady and goes black at times and the lighting's are too dark for movie of glittering status. Vidya Balan's Costumes are unnecessary made filthy, it would have been good if those were kept for movies inside the movie.
If you want to whistle throughout watching the thighs and plump bosoms filled with dramatic dialogues, go for it.
After all it's not "Boogie Nights" neither "Gia" nor Vidya is Angelina Jolie as Gia Marie Carangi.