Monday, December 12, 2011

Black Grapes

विकट बुद्धि IX


कभी कभी सेहत के लिए फल खाना अच्छी बात होती है , इसी तरह कभी मैंने ऑफिस में एक Fruit bowl खा रहा था |
उसमें नारंगी, सेब,तरबूजे , खरबूजे, पपीता और काले अंगूर थे , मैंने उन पर चाट मसाला डाला और भोंक भोंक कर pick से खाने लगा|
विकट बुद्धि मेरे ठीक सामने बैठा था , उसने एक अंगूर उठाया और खा लिया |
अंगूर श्याम था , मैंने छेड़ दिया -"तुममे  और इस काले अंगूर में क्या समानता है ?"
"दोनों लड़कियों को बहुत पसंद है "
"फेंकना बंद करो और सच्चाई बताओ, वैसे भी लड़कियां किशमिश ज्यादा खाती है "
वो बोला - "दोनों स्वीट है "
मेरे दोस्त ने बोला - "कोई और बताओ , यह तो बहुत मुश्किल है पता करना "
"अंगूर और मुझमे नशा है , अंगूर को सड़ा कर Wine बनता है जो Exotic होता है "
मेरे मित्र ने कहा - "तुमको सड़ाने पर कौन सा wine बनेगा , उसके बावज़ूद exotic होना तो नामुमकिन है "
वो बोला - "कौन सी बड़ी बात है |"
इतने में उसने अंगूर को हाथ में लिया और उसपर गौर किया , हमारी हँसी छुट पड़ी |
उसने तपाक से कहा - "मुझे पता है तुमलोग क्यूँ हंस रहे हो ?"
"क्यों ?"
"तुम्हे लग रहा होगा लंगूर के हाथ में अंगूर आ गया "
हमने तो ऐसा सोचा नहीं था , पर अच्छा लगा | फिर भी मैंने कहा -"अंगूर खट्टे लोमड़ी के लिए होते है , तुम तो लंगूर हो और तुम्हे ये मीठे लगते है "
"क्यूंकि , ये मेरे हाथ में है "
"मतलब तुम मानते हो की तुम लंगूर हो |"
उसका चेहरा ऊतर गया , जैसे वह फिर से फँस गया हो | इसी सकपाहट में उसके हाथ से अंगूर छुट गया , और नीचे गिर गया |

मैंने कहा - "वैसे दाने दाने पर लिखा है खाने वाले का नाम |"
सारा माहौल ठहाको से भर गया |


-© 2011 सत्य घटना पर आधारित

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